7 महीने के बच्चे को क्या सिखाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Mon 6th Feb 2023 : 15:49

जन्म के बाद से बच्चे में विकास प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस प्रक्रिया में बच्चा हर दिन नए बदलाव के साथ आगे बढ़ता है। यहां हम 7 महीने के बच्चे में होने वाले विकास के संबंध में जरूरी माइलस्टोन के बारे में जानेंगे ।
मानसिक विकास

मानसिक विकास की बात करें, तो 7 माह के दौरान बच्चे में कई परिवर्तन देखे जाते हैं। ये परिवर्तन इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बच्चा विकास की ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा है। आइए, इन परिवर्तनों को हम विस्तार से जानते हैं।

बोलने का प्रयास : उम्र के इस पड़ाव में बच्चे लोगों से बात करने की कोशिश करते हैं। दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं। खासकर दो अक्षरों से बनने वाले शब्दों को बोलने लगते हैं। वहीं, जिन शब्दों को वो बोल पाने में समर्थ नहीं होते, उन्हें बुदबुदा कर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।

जिज्ञासु : 7वें महीने में बच्चे के अंदर चीजों को जानने की रुचि पैदा होती है। इस दौरान बच्चा हर नई या पुरानी चीज को छूकर या चाटकर उसकी बनावट, आकार व स्वाद आदि को जानने का प्रयास करता है।

निर्देशों को समझना : इस दौरान बच्चे इशारों या फिर निर्देशों को समझने और मानने लगते हैं। अगर माता-पिता नाराजगी में ‘न’ या ‘नहीं’ बोलते हैं, तो बच्चा रुक कर उनके चेहरे के हाव-भाव को समझने की कोशिश करता है ।

चीजों के ट्रैक करना : 7 माह के बच्चे वस्तुओं को ट्रैक करने में सक्षम हो जाते हैं। सामने किसी आकर्षक वस्तु के आने पर उसे गौर से देखते हैं। दिशा बदलने की स्थिति में भी वस्तु को एक टक निहारते रहते हैं ।

वस्तुओं के महत्व को समझना : इस दौरान बच्चे में कुछ खास चीजों (खिलौने आदि) के प्रति लगाव बढ़ जाता है। वो रो कर या चीख कर उन चीजों को हासिल करने का प्रयास करते हैं। 7वें माह में बच्चों में देखी जाने वाली यह आदत प्रदर्शित करती है कि उनमें वस्तुओं के महत्व को समझने की योग्यता का विकास हो जाता है।

शारीरिक विकास
बिना सहारे के बैठना : 7 माह का शिशु बिना सहारे के बैठना सीखने लगता है। इससे पूर्व तक शिशु को बैठने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती है, लेकिन सातवें माह में आने के बाद बच्चा अपने कमर से ऊपर के हिस्से को नियंत्रित करना सीख जाता है।

ध्वनि की ओर देखना : उम्र के इस पड़ाव में बच्चा ताली बजाने या आवाज करने पर ध्वनि की दिशा में देखने की कोशिश करता है। उसमें ध्वनि कहां से आ रही है, ये जानने की जिज्ञासा विकसित हो जाती है।

हाथों की पकड़ : इंडेक्स फिंगर और अंगूठे की मदद से 7 माह के बच्चे चीजों को पकड़ना व उठाना सीख जाते हैं। यह पकड़ उन्हें किसी भी चीज को खाने में भी मदद करती है।

चबाने का प्रयास करना : इस माह के शिशु भोजन को चबाना भी सीखने लगते हैं। दरअसल, 6 से 12 महीने के बीच शिशु को दांत भी आने लगते हैं। वहीं, इसके साथ ही वह पाचन क्रिया की पहली प्रक्रिया को विकसित कर लेते हैं।

वस्तुओं को एक हाथ से दूसरे हाथ में लेना : परिवर्तन और विकास के इस दौर में 7 माह के बच्चे किसी भी वस्तु को एक हाथ से दूसरे हाथ में लेना शुरू कर देते हैं।

खड़े होने का प्रयास : 7 माह के बच्चों को सीधा पकड़ने पर वो किसी ठोस सतह के संपर्क में आते ही पैरों को जमाने का प्रयास करते हैं। इससे वो खड़े होने का प्रयास करते हैं ।

रात को देर तक सोना : जन्म के बाद बच्चे दिन में ज्यादा और रात को कम सोते हैं। वहीं, 7 माह के होते-होते रात को देर तक सोने में सक्षम हो जाते हैं। इतने माह के बच्चे 24 घंटे में से 11-16 घंटे की नींद पूरी करते हैं ।

ऊंचाई को समझना : 7वें माह में कदम रखने के साथ बच्चे की आंखों की मांसपेशियां सही तरह से काम करने लगती हैं। इस कारण बच्चे छोटी-छोटी वस्तुओं पर भी ध्यान केन्द्रित कर पाने में सफल हो जाते हैं। साथ ही उनमें गहराई को भांपने की क्षमता भी विकसित हो जाती है। इस कारण से उनमें ऊंचाई से गिरने का डर पैदा हो जाता है।

सामाजिक और भावनात्मक विकास

शारीरिक और मानसिक विकास के बाद अब बात करते हैं सामाजिक और भावनात्मक विकास की।

अपनों से दूरी का दुख : बच्चे का सबसे ज्यादा लगाव उसके माता-पिता से होता है। इसलिए, वह उनसे जरा भी दूरी बर्दाश्त नहीं कर पाता। जन्म के कुछ महीनों बाद वह रोकर अपनों से अलग होने की भावना को व्यक्त करता है, लेकिन सातवें महीने में कदम रखते ही माता-पिता से दूर होने की स्थिति में उसके चेहरे पर दुख साफ तौर पर देखा जा सकता है।

अजनबियों से असहज : सातवें माह में बच्चा इतना समझदार हो जाता है कि वह अपने और अनजान लोगों में फर्क समझने लगता है। यही कारण है कि वह अपनों को देखकर खिलखिला कर हंस देता है। वहीं, अजनबियों के नजदीक आने पर उनसे दूर होने की कोशिश करता है।

परिचितों को देखकर खुशी : उम्र के इस दौर में बच्चा अपनी भावनाएं बेहतर तरीके से व्यक्त करना सीख जाता है। माता-पिता या ऐसे लोगों को देख वह खुशी व्यक्त करता है, जिन्हें वह अच्छी तरह से जानता है। यही कारण है कि बच्चा जान-पहचान वाले लोगों के पास जाने से नहीं हिचकता और दोनों हाथ फैलाकर उनका स्वागत करता है।

सहानुभूति के संकेत दिखाना : इस दौरान बच्चा सहानुभूति का भाव प्रदर्शित करने लगता है। बच्चा अपने आसपास के लोगों के चेहरे के भावों को देखकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करता है। इसी कारण है कि बच्चा माता-पिता को हंसता देखकर मुस्कुरा देता है। वहीं, अगर उन्हें दुखी देखता है, तो रोकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने की कोशिश करता है।

माता-पिता बच्चे के विकास में कैसे मदद कर सकते

बच्चे के बेहतर विकास के लिए माता-पिता का योगदान काफी अहम रहता है। खेल-खेल में बच्चा आपसे बहुत कुछ सीख सकता है आइए, जानते हैं कुछ खास टिप्स, जिनके सहारे आप बच्चे के विकास में कुछ मदद कर पाएंगे।

बच्चे के साथ बैठकर ऐसे खेल खेलें, जिसमें उसे आपकी भागीदारी की जरूरत पड़े।

उनकी आंखों में देखें, ताकि उनमें किसी की आंखों में देख भावुकता के भाव को और बेहतर तरीके से समझने की काबिलियत पैदा हो।

उन्हें छूकर अपनी मौजूदगी का एहसास कराएं और चीजों को हिलाएं-डुलाएं, ताकि उन्हें वैचारिक रूप से दुनिया पर अपने प्रभाव को समझने में मदद मिले।

उनसे बात करें, ताकि उनकी बोलने की क्षमता का विस्तार हो सके और वो शब्दों से कही जाने वाली बातों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

किसी सामान या खिलौने को छिपाएं और बच्चे को उसे ढूंढने के लिए प्रेरित करें।



अगर आपके बच्चे में नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी नजर आता है, तो बिना देर किए उसे चिकित्सक के पास ले जाएं

नजदीक रखी चीजों को पकड़ने की कोशिश न करे।

माता-पिता के प्रति कोई प्रतिक्रिया न दे।

आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया न आए।

चीजों को मुंह तक ले जाने में दिक्कत महसूस हो।

आह, एह, ओह जैसे शब्दों का उच्चारण करने में दिक्कत हो।

करवट बदलने का प्रयास न करे।

हंसकर या चिल्ला कर आवाज न निकाले।

उसकी मांसपेशियां ज्यादा तनी हुई लगें।

किसी बेजान गुड़िया की तरह निष्क्रिय नजर आए।

इस महीने के लिए चेकलिस्ट

बच्चे पर बेहतर तरीके से ध्यान देने के लिए आपको बच्चे से संबंधित छोटी-छोटी चीजों की एक चेकलिस्ट तैयार करनी होगी। आगे लेख में हम आपको 7 माह के बच्चे के लिए चेकलिस्ट के बारे में बता रहे हैं।

बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी सभी टीके लगवाए है या नहीं।

बच्चे के आस-पास ऐसा कोई सामन तो नहीं, जिसे वह निगल लें।

दूध देने से पहले देख लें कि बोतल सही से साफ है या नहीं।

बच्चा 7 माह में होने वाली सभी गतिविधियों को अपना रहा है या नहीं।

बच्चे के साथ बाहर कहीं जाने पर उसकी जरूरत के सभी समान रखे है या नहीं

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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