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जनà¥à¤® के बाद से बचà¥à¤šà¥‡ में विकास पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बचà¥à¤šà¤¾ हर दिन नठबदलाव के साथ आगे बà¥à¤¤à¤¾ है। यहां हम 7 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ में होने वाले विकास के संबंध में जरूरी माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में जानेंगे ।
मानसिक विकास
मानसिक विकास की बात करें, तो 7 माह के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ में कई परिवरà¥à¤¤à¤¨ देखे जाते हैं। ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बचà¥à¤šà¤¾ विकास की ओर धीरे-धीरे कदम बà¥à¤¾ रहा है। आइà¤, इन परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को हम विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं।
बोलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ : उमà¥à¤° के इस पड़ाव में बचà¥à¤šà¥‡ लोगों से बात करने की कोशिश करते हैं। दूसरों को अपनी ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठतरह-तरह की आवाजें निकालते हैं। खासकर दो अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ से बनने वाले शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को बोलने लगते हैं। वहीं, जिन शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को वो बोल पाने में समरà¥à¤¥ नहीं होते, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤¦à¤¬à¥à¤¦à¤¾ कर अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं।
जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ : 7वें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के अंदर चीजों को जानने की रà¥à¤šà¤¿ पैदा होती है। इस दौरान बचà¥à¤šà¤¾ हर नई या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ चीज को छूकर या चाटकर उसकी बनावट, आकार व सà¥à¤µà¤¾à¤¦ आदि को जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है।
निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ : इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ इशारों या फिर निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¥‡ और मानने लगते हैं। अगर माता-पिता नाराजगी में ‘न’ या ‘नहीं’ बोलते हैं, तो बचà¥à¤šà¤¾ रà¥à¤• कर उनके चेहरे के हाव-à¤à¤¾à¤µ को समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करता है ।
चीजों के टà¥à¤°à¥ˆà¤• करना : 7 माह के बचà¥à¤šà¥‡ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करने में सकà¥à¤·à¤® हो जाते हैं। सामने किसी आकरà¥à¤·à¤• वसà¥à¤¤à¥ के आने पर उसे गौर से देखते हैं। दिशा बदलने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ को à¤à¤• टक निहारते रहते हैं ।
वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के महतà¥à¤µ को समà¤à¤¨à¤¾ : इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤› खास चीजों (खिलौने आदि) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लगाव बॠजाता है। वो रो कर या चीख कर उन चीजों को हासिल करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। 7वें माह में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में देखी जाने वाली यह आदत पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है कि उनमें वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के महतà¥à¤µ को समà¤à¤¨à¥‡ की योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का विकास हो जाता है।
शारीरिक विकास
बिना सहारे के बैठना : 7 माह का शिशॠबिना सहारे के बैठना सीखने लगता है। इससे पूरà¥à¤µ तक शिशॠको बैठने के लिठसहारे की जरूरत पड़ती है, लेकिन सातवें माह में आने के बाद बचà¥à¤šà¤¾ अपने कमर से ऊपर के हिसà¥à¤¸à¥‡ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना सीख जाता है।
धà¥à¤µà¤¨à¤¿ की ओर देखना : उमà¥à¤° के इस पड़ाव में बचà¥à¤šà¤¾ ताली बजाने या आवाज करने पर धà¥à¤µà¤¨à¤¿ की दिशा में देखने की कोशिश करता है। उसमें धà¥à¤µà¤¨à¤¿ कहां से आ रही है, ये जानने की जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ विकसित हो जाती है।
हाथों की पकड़ : इंडेकà¥à¤¸ फिंगर और अंगूठे की मदद से 7 माह के बचà¥à¤šà¥‡ चीजों को पकड़ना व उठाना सीख जाते हैं। यह पकड़ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¥€ चीज को खाने में à¤à¥€ मदद करती है।
चबाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना : इस माह के शिशॠà¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबाना à¤à¥€ सीखने लगते हैं। दरअसल, 6 से 12 महीने के बीच शिशॠको दांत à¤à¥€ आने लगते हैं। वहीं, इसके साथ ही वह पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की पहली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को विकसित कर लेते हैं।
वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को à¤à¤• हाथ से दूसरे हाथ में लेना : परिवरà¥à¤¤à¤¨ और विकास के इस दौर में 7 माह के बचà¥à¤šà¥‡ किसी à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ को à¤à¤• हाथ से दूसरे हाथ में लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं।
खड़े होने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ : 7 माह के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सीधा पकड़ने पर वो किसी ठोस सतह के संपरà¥à¤• में आते ही पैरों को जमाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। इससे वो खड़े होने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं ।
रात को देर तक सोना : जनà¥à¤® के बाद बचà¥à¤šà¥‡ दिन में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ और रात को कम सोते हैं। वहीं, 7 माह के होते-होते रात को देर तक सोने में सकà¥à¤·à¤® हो जाते हैं। इतने माह के बचà¥à¤šà¥‡ 24 घंटे में से 11-16 घंटे की नींद पूरी करते हैं ।
ऊंचाई को समà¤à¤¨à¤¾ : 7वें माह में कदम रखने के साथ बचà¥à¤šà¥‡ की आंखों की मांसपेशियां सही तरह से काम करने लगती हैं। इस कारण बचà¥à¤šà¥‡ छोटी-छोटी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ कर पाने में सफल हो जाते हैं। साथ ही उनमें गहराई को à¤à¤¾à¤‚पने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ विकसित हो जाती है। इस कारण से उनमें ऊंचाई से गिरने का डर पैदा हो जाता है।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
शारीरिक और मानसिक विकास के बाद अब बात करते हैं सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास की।
अपनों से दूरी का दà¥à¤– : बचà¥à¤šà¥‡ का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगाव उसके माता-पिता से होता है। इसलिà¤, वह उनसे जरा à¤à¥€ दूरी बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ नहीं कर पाता। जनà¥à¤® के कà¥à¤› महीनों बाद वह रोकर अपनों से अलग होने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है, लेकिन सातवें महीने में कदम रखते ही माता-पिता से दूर होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उसके चेहरे पर दà¥à¤– साफ तौर पर देखा जा सकता है।
अजनबियों से असहज : सातवें माह में बचà¥à¤šà¤¾ इतना समà¤à¤¦à¤¾à¤° हो जाता है कि वह अपने और अनजान लोगों में फरà¥à¤• समà¤à¤¨à¥‡ लगता है। यही कारण है कि वह अपनों को देखकर खिलखिला कर हंस देता है। वहीं, अजनबियों के नजदीक आने पर उनसे दूर होने की कोशिश करता है।
परिचितों को देखकर खà¥à¤¶à¥€ : उमà¥à¤° के इस दौर में बचà¥à¤šà¤¾ अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बेहतर तरीके से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना सीख जाता है। माता-पिता या à¤à¤¸à¥‡ लोगों को देख वह खà¥à¤¶à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वह अचà¥à¤›à¥€ तरह से जानता है। यही कारण है कि बचà¥à¤šà¤¾ जान-पहचान वाले लोगों के पास जाने से नहीं हिचकता और दोनों हाथ फैलाकर उनका सà¥à¤µà¤¾à¤—त करता है।
सहानà¥à¤à¥‚ति के संकेत दिखाना : इस दौरान बचà¥à¤šà¤¾ सहानà¥à¤à¥‚ति का à¤à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने लगता है। बचà¥à¤šà¤¾ अपने आसपास के लोगों के चेहरे के à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को देखकर अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है। इसी कारण है कि बचà¥à¤šà¤¾ माता-पिता को हंसता देखकर मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ देता है। वहीं, अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤–ी देखता है, तो रोकर अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने की कोशिश करता है।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते
बचà¥à¤šà¥‡ के बेहतर विकास के लिठमाता-पिता का योगदान काफी अहम रहता है। खेल-खेल में बचà¥à¤šà¤¾ आपसे बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सीख सकता है आइà¤, जानते हैं कà¥à¤› खास टिपà¥à¤¸, जिनके सहारे आप बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कà¥à¤› मदद कर पाà¤à¤‚गे।
बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बैठकर à¤à¤¸à¥‡ खेल खेलें, जिसमें उसे आपकी à¤à¤¾à¤—ीदारी की जरूरत पड़े।
उनकी आंखों में देखें, ताकि उनमें किसी की आंखों में देख à¤à¤¾à¤µà¥à¤•ता के à¤à¤¾à¤µ को और बेहतर तरीके से समà¤à¤¨à¥‡ की काबिलियत पैदा हो।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छूकर अपनी मौजूदगी का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ कराà¤à¤‚ और चीजों को हिलाà¤à¤‚-डà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वैचारिक रूप से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ पर अपने पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिले।
उनसे बात करें, ताकि उनकी बोलने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हो सके और वो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ से कही जाने वाली बातों को बेहतर ढंग से समठसकें।
किसी सामान या खिलौने को छिपाà¤à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‡ को उसे ढूंढने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें।
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ में नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कà¥à¤› à¤à¥€ नजर आता है, तो बिना देर किठउसे चिकितà¥à¤¸à¤• के पास ले जाà¤à¤‚
नजदीक रखी चीजों को पकड़ने की कोशिश न करे।
माता-पिता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दे।
आवाज देने पर à¤à¥€ कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न आà¤à¥¤
चीजों को मà¥à¤‚ह तक ले जाने में दिकà¥à¤•त महसूस हो।
आह, à¤à¤¹, ओह जैसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का उचà¥à¤šà¤¾à¤°à¤£ करने में दिकà¥à¤•त हो।
करवट बदलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करे।
हंसकर या चिलà¥à¤²à¤¾ कर आवाज न निकाले।
उसकी मांसपेशियां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनी हà¥à¤ˆ लगें।
किसी बेजान गà¥à¥œà¤¿à¤¯à¤¾ की तरह निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ नजर आà¤à¥¤
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
बचà¥à¤šà¥‡ पर बेहतर तरीके से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के लिठआपको बचà¥à¤šà¥‡ से संबंधित छोटी-छोटी चीजों की à¤à¤• चेकलिसà¥à¤Ÿ तैयार करनी होगी। आगे लेख में हम आपको 7 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ के बारे में बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी सà¤à¥€ टीके लगवाठहै या नहीं।
बचà¥à¤šà¥‡ के आस-पास à¤à¤¸à¤¾ कोई सामन तो नहीं, जिसे वह निगल लें।
दूध देने से पहले देख लें कि बोतल सही से साफ है या नहीं।
बचà¥à¤šà¤¾ 7 माह में होने वाली सà¤à¥€ गतिविधियों को अपना रहा है या नहीं।
बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बाहर कहीं जाने पर उसकी जरूरत के सà¤à¥€ समान रखे है या नहीं
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